है इतनी सी देरी में सऊदी अरब के मक्का मदीना के अंदर जो सैनिक थे उनको गिरफ्तार कर लेते हैं पूरा इंटरव्यू हिंदी में छपा हुआ है हिंदुस्तान में और अंग्रेजी में भी है ये देखिए अंग्रेजी का भी रिपोर्ट देख लीजिए अब यह अंग्रेजी का है यह हिंदी का है दोनों तरफ रिपोर्ट आपके सामने है दोनों तरह की हिंदी की भी और अंग्रेजी की भी दोनों लगी है अब सुनिए सऊदी अरब की गवर्नमेंट ने एक दो नहीं कई लोगों को गिरफ्तार किया जो फिलिस्तीन के समर्थन में कोई नारेबाजी नहीं कर रहे थे सोचिए सिर्फ फिलिस्तीन का झंडा पहना था इस पर सऊदी अरब की सेना ने अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया
जो ब्रिटेन के रहने वाले थे और वह उमरा के लिए गए थे और कई घंटों तक पूछताछ की गई बार-बार उनसे पूछते रहे कि फिलिस्तीनी झंडा क्यों पहना है रहमान फिलिस्तीन आई को यह इंटरव्यू में बताते हैं कि मैं काफी डर गया था क्योंकि मैं तो मुस्लिम देश में था उम्मीद नहीं थी कि मेरे साथ ऐसा होगा और वह कुछ भी कर सकते थे मेरे को जहां उन्होंने रखा यानी जहां अब्दुल रहमान को ले गए अलग जगह में वहां जेल थी और दूसरे कैदी थे अब्दुल रहमान बताते हैं कि मुझे ऐसा लग रहा था कि अब मुझे जेल में डाल देंगे और मेरा कोई अधिकार नहीं है मैं कुछ बोल भी नहीं पाऊंगा इसके बाद जैसे तैसे
उनसे कई तरह के सवाल किए कई घंटे तक इस तरह से पूछताछ की गई जैसे वह कहीं का बहुत बड़ा क्रिमिनल हो अलाह अकबर सोचिए फिलिस्तीन के समर्थन में अगर भारत में मोदी सरकार मुसलमानों को नोटिस जारी कर देती है कि भाई मस्जिदों के इमाम को कि भाई आप फिलिस्तीन का नाम नहीं ले सकते तो फिर क्या गलत कर रही है मोदी सरकार भाई खुद सऊदी अरब मुस्लिम देश मूत रहा है नंगा होके मक्का मदीना के अंदर फिलिस्तीन है मस्जिद अल अकसा के लिए किबला अव्वल के लिए कोई आवाज उठा रहा है आवाज उठाना मतलब ये ना चीख रहा था वो गले में सिर्फ फिलिस्तीन का झंडा रहमान बताते हैं कि मुझसे
जबरदस्ती अंगूठा लगवाया गया साइन करवाया गया और ऐसा लग रहा था कि अब मैं गिरफ्तार हो जाऊंगा कई घंटों के बाद पूछताछ करने के बाद रिलीज सिग्नेचर पर साइन करवाकर मुझे वहां से भगाया गया और ऐसा सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ कई लोगों को रोका गया कई लोगों से पूछताछ की गई फिलिस्तीन के समर्थकों को अपराधी की नजर से देखा जा रहा है लानत है ऐसे लोगों पर जो अभी भी सऊदी अरब की सरकार को जिंदाबाद जिंदाबाद बोलते हैं 133 मिलियन सऊदी अरब ने इकट्ठा कर लिए हैं नौटंकी ने फिलिस्तीन और सऊदी अरब ने मिलकर डोनेशन दुनिया से भीख मांगी जबकि खुद अरब के पास
इतना पैसा है कि अयाशी में रियाद सीजन में उड़ा रहा है लेकिन फिलिस्तीन के नाम पर वह दुनिया से पैसा इकट्ठा कर रहा है यह अलग ही बात है लेकिन फिर भी 133 मिलियन से ज्यादा पैसा इकट्ठा हो गया है अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडर ने कतर के अमीर पर प्रेशर बनाया उनको समझाया लोट डाला कि ज्यादा से ज्यादा जल्द से जल्द हम मास के लोगों से हमारे कैदियों को इजराइल के कैदियों को रिहा करवाएं नेतनयाहू को ना जाने किसने पिन मारी है और क्या समझाया है कि नेतनयाहू के सुर में हल्की सी नर्वी पैदा हुई है नेतनयाहू ने हिंट दिया है कि जंग के बाद इजराइल की सेना गाजा में नहीं
रुकेगी लेकिन यह बात क्लियर है कि अंतरराष्ट्रीय यानी जो पीसकीपिंग मिलिट्री है वो तैनात होगी सारे अस्पतालों को गंदी नजर से इजराइल देख ही रहा है क्योंकि वो चाहता है कि हम यहां बम मारे तो यहां के लोग मर जाएं और जो घायल हैं वो अस्पताल में जाए तो उनको इलाज ना मिले वो वहां मर जाए तो इजराइल की आईडीएफ ने कहा है कि हम तमाम अस्पतालों को हम मास के हेड क्वार्टर की नजर से देख रहे हैं वहीं इजराइल ने अपने बाप पर भरोसा जताया और कहा कि हम ऐसा बिल्कुल नहीं मानते कि अमेरिका हम पर सपोर्ट या हम पर पैसा कम खर्च करेगा उधर हिज्बुल्लाह ने जोरदार मिसाइलों से इजराइल
के ठिकानों पर हमला किया जिससे तीन इजराइल के सैनिक बुरी तरह से घायल हुए हैं जुमे के दिन दिन एक अच्छा काम यह हुआ कि छह सऊदी अरब की एंबुलेंस गाज के अंदर एंटर हो गई हैं 75 पर अभी भी फिलिस्तीन और गाजा के लोग हम मास के उस हमले को जो 7 अक्टूबर को किया था इजराइल पर उस हमले को सपोर्ट करते हैं इसी वजह से तो इजराइल चिड़ना है वहीं t विर के मालिक एलन मस्क पर वाइट हाउस भड़क गया है क्योंकि जो सच बोलता है अमेरिका इजराइल से चड़ जाता है [प्रशंसा] बात बोली कि इजराइल ऐसा ऐसा कर रहा है और हम मास और क्रिएट कर रहा है इस पर भड़क गया है वाइट हाउस और वाइट हाउस ने कहा कि
सारांश:
विवादित घटना: इस खबर में बताया गया है कि सऊदी अरब में फ़िलिस्तीन समर्थकों के खिलाफ एक घटना हुई है, जिसमें मक्का शरीफ़ में फ़िलिस्तीन समर्थक गिरफ़्तार किए गए हैं।
गिरफ्तारी का कारण: गिरफ्तारियों का कारण यह है कि वे फ़िलिस्तीन के समर्थन में अपने दृढ़ विचारों को प्रकट कर रहे थे और सऊदी अरब के खिलाफ भी बोल रहे थे।
विवाद में अंतर्राष्ट्रीय पहचान: खबर में बताया गया है कि गिरफ़्तार व्यक्ति ब्रिटेन के नागरिक हैं, जो फ़िलिस्तीन के समर्थन में जुटे थे।
सऊदी अरब की कड़ी कार्रवाई: सऊदी अरब सरकार ने इस घटना के पर्दाफाश के बाद कई लोगों को गिरफ़्तार किया है, जो फ़िलिस्तीन के समर्थन में सक्रिय थे।
व्यक्ति का अनुभव: गिरफ़्तार व्यक्ति ने एक साक्षात्कार में बताया है कि उसे जबरदस्ती अंगूठा लगवाया गया और फिलिस्तीन के समर्थन में बोलने पर उसपर सऊदी अरब की सेना ने कड़ी कार्रवाई की है।
यहूदियों के खिलाफ जो फेक न्यूज़ फैला रहा है एलन मस्क यह बर्दाश्त के काबिल नहीं है कहानी और भी चेंज होने वाली है ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री बहुत जल्द इजराइल पहुंचने वाले हैं फिलहाल लौटूंगा थोड़ी देर में और भी बड़ी जानकारियों के साथ तब तक के लिए जय हिंद [संगीत]
(1733) ब्रेकिंग🚨फ़िलिस्तीन समर्थकों का दुश्मन सऊदी अरब• मक्का शरीफ़ में फ़िलिस्तीन समर्थक गिरफ़्तार💔 - YouTube
https://www.youtube.com/watch?v=ljgB_25YaSU

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